आईटीआर में होम लोन ब्याज: 2026 में करदाताओं के लिए ग्रे एरिया को समझना

क्या आप जानते हैं कि 2026 में होम लोन का ब्याज आपके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में एक बड़ा टैक्स बचाऊ हथियार बन सकता है? जी हाँ, अगर आपने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है, तो आप हर साल अच्छी खासी रकम टैक्स में बचा सकते हैं। लेकिन, अक्सर करदाताओं को यह समझ नहीं आता कि होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट का दावा कैसे करें और किन नियमों का पालन करें। कहीं आप भी तो अनजाने में इस बड़ी छूट को गंवा नहीं रहे? चलिए, आज हम आपकी इस उलझन को दूर करते हैं और 2026 में आईटीआर फाइलिंग के दौरान होम लोन ब्याज के 'ग्रे एरिया' को पूरी तरह से समझते हैं।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट का दावा किया जा सकता है।
  • सेल्फ-ऑक्यूपाइड (Self-Occupied) और लेट-आउट (Let-Out) प्रॉपर्टी के लिए नियम अलग-अलग हो सकते हैं।
  • ITR फॉर्म में सही सेक्शन में ब्याज की राशि का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
  • टैक्स बचत के लिए होम लोन के अलावा अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार करें।

होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट: क्या है नियम?

भारत में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 24(बी) के तहत, होम लोन के ब्याज भुगतान पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। यह छूट दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित है: सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी और लेट-आउट प्रॉपर्टी।

सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए छूट

अगर आपने जो प्रॉपर्टी होम लोन लेकर खरीदी है, वह आपकी खुद की रहने की जगह है (यानी आप उसमें खुद रहते हैं), तो आप अधिकतम ₹2 लाख प्रति वर्ष तक के ब्याज भुगतान पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यह छूट आपके 'हाउस प्रॉपर्टी' के 'लॉस' (Loss from House Property) हेड के तहत क्लेम की जाती है। इसका मतलब है कि आपके होम लोन के ब्याज का भुगतान आपकी कुल टैक्सेबल इनकम से घटाया जा सकता है, जिससे आपकी टैक्स देनदारी कम हो जाती है।

उदाहरण: मान लीजिए, आपने 2025-26 वित्तीय वर्ष में अपने होम लोन पर ₹2.5 लाख का ब्याज चुकाया है। यदि प्रॉपर्टी आपकी सेल्फ-ऑक्यूपाइड है, तो आप आईटीआर फाइल करते समय ₹2 लाख तक के ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। शेष ₹50,000 पर छूट नहीं मिलेगी।

लेट-आउट प्रॉपर्टी के लिए छूट

यदि आपने होम लोन लेकर प्रॉपर्टी खरीदी है और उसे किराए पर दिया हुआ है, तो आप उस पर चुकाए गए पूरे ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के विपरीत, यहाँ ₹2 लाख की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यानी, आपने जितना ब्याज चुकाया है, वह सब आपकी टैक्सेबल इनकम से घटाया जा सकता है।

उदाहरण: यदि आपने एक प्रॉपर्टी किराए पर दी है और उस पर ₹3 लाख का ब्याज चुकाया है, तो आप आईटीआर में पूरे ₹3 लाख को 'हाउस प्रॉपर्टी' के 'लॉस' हेड के तहत क्लेम कर सकते हैं। इस नुकसान को अन्य आय (जैसे सैलरी, बिजनेस इनकम) के मुकाबले सेट-ऑफ किया जा सकता है (कुछ सीमाओं के अधीन)।

महत्वपूर्ण: लेट-आउट प्रॉपर्टी से होने वाले हाउस प्रॉपर्टी लॉस को ₹2 लाख तक की सीमा तक ही अन्य आय के मुकाबले सेट-ऑफ किया जा सकता है। यदि नुकसान इससे अधिक है, तो उसे अगले 8 वर्षों तक 'कैरी फॉरवर्ड' किया जा सकता है, जिसे भविष्य में किराए से आय होने पर सेट-ऑफ किया जा सकता है।

आईटीआर फॉर्म में कैसे दिखाएं होम लोन ब्याज?

आईटीआर फाइल करते समय, होम लोन ब्याज की राशि को सही जगह पर दिखाना बहुत जरूरी है। यह मुख्य रूप से ITR-1 (सहज) या ITR-2 फॉर्म में 'Income from House Property' सेक्शन के तहत आता है।

ITR-1 (सहज) के लिए: यदि आपकी कुल आय ₹50 लाख तक है, आप एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी के मालिक नहीं हैं, और आपकी आय मुख्य रूप से सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी (सेल्फ-ऑक्यूपाइड), ब्याज, और अन्य स्रोतों से है, तो आप ITR-1 का उपयोग कर सकते हैं। इसमें, आपको 'Interest payable on loan taken for property acquisition/construction' कॉलम में चुकाए गए ब्याज की राशि दर्ज करनी होगी। ध्यान दें कि ITR-1 में सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए ₹2 लाख की सीमा लागू होती है।

ITR-2 के लिए: यदि आपके पास एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी है, या आपकी प्रॉपर्टी लेट-आउट है, तो आपको ITR-2 या अन्य उपयुक्त फॉर्म का उपयोग करना होगा। यहाँ 'Income from House Property' सेक्शन में आपको प्रॉपर्टी के विवरण, किराया, नगरपालिका कर, और सबसे महत्वपूर्ण, 'Interest on loan taken for acquisition or construction of the property' का उल्लेख करना होगा।

टिप: हमेशा अपने बैंक से होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट (Home Loan Interest Certificate) प्राप्त करें। इसमें पूरे वित्तीय वर्ष में चुकाए गए मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) का पूरा विवरण होता है। यह सर्टिफिकेट आईटीआर फाइलिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट के लिए योग्यता और शर्तें

होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट का दावा करने के लिए कुछ शर्तें हैं:

  • लोन का उद्देश्य: लोन घर खरीदने, बनाने, मरम्मत करने या पुनर्निर्माण के उद्देश्य से लिया गया हो।
  • लोन की राशि: लोन किसी बैंक, वित्तीय संस्थान या अधिकृत व्यक्ति से लिया गया हो।
  • संपत्ति का स्वामित्व: जिस प्रॉपर्टी के लिए लोन लिया गया है, उसका स्वामित्व करदाता के नाम पर होना चाहिए।
  • भुगतान: ब्याज का भुगतान उसी वित्तीय वर्ष में किया गया हो जिसके लिए छूट का दावा किया जा रहा है।
  • प्रॉफिट इन ल्यू ऑफ रेंट (PIR): यदि प्रॉपर्टी लेट-आउट है, तो उस पर लगने वाले नगरपालिका कर (Municipal Tax) और अन्य करों का भुगतान करदाता द्वारा किया गया हो।

ऑफिशियल वेबसाइट: आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.incometax.gov.in) पर जाकर आप नवीनतम नियमों और फॉर्म की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

होम लोन के अलावा टैक्स बचाने के अन्य तरीके

होम लोन ब्याज पर छूट एक बेहतरीन टैक्स-बचत का जरिया है, लेकिन अपनी टैक्स देनदारी को और कम करने के लिए आप अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं।

  • धारा 80C: इस धारा के तहत आप जीवन बीमा प्रीमियम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), बच्चों की ट्यूशन फीस आदि में निवेश करके ₹1.5 लाख तक की अतिरिक्त छूट का लाभ उठा सकते हैं। ELSS म्यूचुअल फंड्स में निवेश करके आप अच्छी कमाई के साथ टैक्स बचा सकते हैं। आप Angel One के साथ अपना डीमैट खाता खोलकर शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं।
  • धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर छूट।
  • धारा 80CCD(1B): NPS (National Pension System) में ₹50,000 तक के अतिरिक्त निवेश पर छूट।
  • होम लोन का मूलधन: धारा 80C के तहत, होम लोन के मूलधन (Principal) के पुनर्भुगतान पर भी ₹1.5 लाख तक की छूट का दावा किया जा सकता है।

क्रेडिट कार्ड से बचत: यदि आप अपने खर्चों को समझदारी से मैनेज करते हैं, तो क्रेडिट कार्ड भी अप्रत्यक्ष रूप से आपकी मदद कर सकते हैं। विभिन्न खर्चों पर कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट के साथ, आप कुछ बचत कर सकते हैं। SBI क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करें और रिवॉर्ड्स का लाभ उठाएं।

समझें 'ग्रे एरिया': कुछ आम उलझनें और समाधान

होम लोन ब्याज के संबंध में करदाताओं के मन में कुछ आम सवाल या 'ग्रे एरिया' होते हैं, जिनका समाधान जानना जरूरी है:

1. क्या प्रॉपर्टी का निर्माण पूरा होने से पहले चुकाया गया ब्याज भी क्लेम किया जा सकता है?

हाँ, यदि निर्माण पूरा होने से पहले आपने लोन पर ब्याज चुकाया है, तो आप उस ब्याज को पांच बराबर किश्तों में, निर्माण पूरा होने के वर्ष से ही, अपनी कुल आय से घटा सकते हैं।

2. क्या एक से अधिक होम लोन पर ब्याज की छूट ले सकते हैं?

यदि आपके पास एक से अधिक प्रॉपर्टी हैं (सेल्फ-ऑक्यूपाइड के लिए दो तक) और उन पर होम लोन हैं, तो आप प्रत्येक प्रॉपर्टी के लिए लागू नियमों के अनुसार ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए कुल ₹2 लाख की सीमा लागू होगी।

3. क्या प्रॉपर्टी बेचने पर होम लोन का ब्याज क्लेम कर सकते हैं?

यदि प्रॉपर्टी लेट-आउट है, तो आप बेचते समय तक चुकाए गए ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं। लेकिन, प्रॉपर्टी की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर टैक्स लगेगा, जिसे आप धारा 54 या 54F जैसे प्रावधानों का उपयोग करके बचा सकते हैं, यदि आप उसी वर्ष दूसरी प्रॉपर्टी खरीदते हैं।

4. होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (Balance Transfer) पर क्या नियम हैं?

यदि आपने अपना होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कराया है, तो आप नए और पुराने दोनों लोन पर चुकाए गए ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं, बशर्ते वे उसी प्रॉपर्टी के लिए हों।

5. क्या किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर ब्याज की पूरी राशि क्लेम कर सकते हैं?

हाँ, लेट-आउट प्रॉपर्टी के मामले में, आप चुकाए गए पूरे होम लोन ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं। हालाँकि, हाउस प्रॉपर्टी से होने वाले कुल नुकसान को अन्य आय के मुकाबले ₹2 लाख तक ही सेट-ऑफ किया जा सकता है।

FAQ: आपके सामान्य प्रश्न

  1. प्रश्न: होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट का दावा करने की अंतिम तिथि क्या है? उत्तर: होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट का दावा आप आईटीआर फाइल करते समय करते हैं। आईटीआर फाइल करने की सामान्य अंतिम तिथि 31 जुलाई (बिना लेट फीस के) होती है, लेकिन इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
  2. प्रश्न: क्या मुझे आईटीआर में होम लोन का मूलधन भी दिखाना होगा? उत्तर: ब्याज की राशि को आप धारा 24(बी) के तहत दिखाते हैं। होम लोन के मूलधन के भुगतान पर आप धारा 80C के तहत छूट का दावा कर सकते हैं, जिसके लिए आपको आईटीआर में संबंधित सेक्शन में इसका उल्लेख करना होगा।
  3. प्रश्न: मेरा होम लोन प्रॉपर्टी के निर्माण से पहले लिया गया था। क्या मैं उस पर चुकाए गए ब्याज का दावा कर सकता हूँ? उत्तर: हाँ, निर्माण पूरा होने से पहले चुकाए गए ब्याज को आप निर्माण पूरा होने के वर्ष से शुरू होकर, 5 बराबर वार्षिक किश्तों में क्लेम कर सकते हैं।
  4. प्रश्न: क्या संयुक्त होम लोन (Joint Home Loan) के मामले में दोनों मालिक ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं? उत्तर: हाँ, यदि लोन संयुक्त रूप से लिया गया है और दोनों व्यक्तियों ने EMI का भुगतान किया है, तो वे दोनों अपनी-अपनी भुगतान की गई राशि के अनुपात में ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं, बशर्ते वे प्रॉपर्टी के सह-मालिक हों।
  5. प्रश्न: होम लोन ब्याज छूट के लिए मुझे कौन से दस्तावेज तैयार रखने चाहिए? उत्तर: आपको बैंक से होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, प्रॉपर्टी के स्वामित्व के दस्तावेज, और यदि प्रॉपर्टी किराए पर दी है तो रेंट एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

निष्कर्ष: समझदारी से करें टैक्स प्लानिंग

होम लोन पर चुकाया गया ब्याज आपके लिए एक महत्वपूर्ण टैक्स बचत का अवसर प्रदान करता है। 2026 में आईटीआर फाइल करते समय, इन नियमों को समझना और उनका सही ढंग से पालन करना आपके लिए फायदेमंद होगा। सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए ₹2 लाख की सीमा और लेट-आउट प्रॉपर्टी के लिए पूरी छूट का लाभ उठाएं। अपनी आय और निवेश के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म का चयन करें और सभी आवश्यक दस्तावेजों को संभाल कर रखें।

याद रखें, टैक्स प्लानिंग सिर्फ छूट का दावा करना ही नहीं है, बल्कि अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना भी है। आप Prefr से तुरंत व्यक्तिगत लोन या mPokket से त्वरित नकद ऋण जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं, यदि आपको अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता हो, लेकिन हमेशा अपनी भुगतान क्षमता का ध्यान रखें।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या कर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। कृपया किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार या कर पेशेवर से परामर्श लें।

अंतिम संशोधन: 17 जुलाई 2026

📌 उपयोगी लिंक्स

  • Angel One — Open free Demat account — invest in stocks & mutual funds
  • SBI Credit Card — Apply for SBI Credit Card — rewards & cashback
  • Prefr — Quick personal loan — instant approval
  • mPokket — Instant cash loan — fast approval